February 18, 2026

Rohit

अमेरिका की आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो गई — Rev. Jesse Jackson का 84 साल की उम्र में निधन, Obama से Trump तक सभी ने दी श्रद्धांजलि

शिकागो, 17 फरवरी 2026 — अमेरिका के महान सिविल राइट्स लीडर, Baptist मिनिस्टर और दो बार के प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट Reverend Jesse Louis Jackson Sr. का मंगलवार की सुबह शिकागो स्थित अपने घर पर शांतिपूर्वक निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। उनके परिवार ने बताया कि उनके अंतिम क्षणों में पूरा परिवार उनके पास मौजूद था।

उनकी संस्था Rainbow PUSH Coalition की ओर से जारी बयान में कहा गया — “यह बड़े दुख के साथ हम सिविल राइट्स लीडर और Rainbow PUSH Coalition के संस्थापक, माननीय Reverend Jesse Louis Jackson Sr. के निधन की घोषणा करते हैं। वे मंगलवार की सुबह शांतिपूर्वक चले गए, परिवार उनके साथ था।”

एक महान जीवन की कहानी

Jesse Louis Jackson का जन्म 8 अक्टूबर 1941 को साउथ कैरोलाइना के Greenville में हुआ था। वे Dr. Martin Luther King Jr. के करीबी शागिर्द थे और 20वीं तथा 21वीं सदी के सबसे प्रमुख सिविल राइट्स लीडर्स में गिने जाते थे।

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे Dr. Martin Luther King Jr. के साथ जुड़े और सिविल राइट्स मूवमेंट में सक्रिय भूमिका निभाई।  वे 1968 में मेम्फिस के उस होटल में मौजूद थे जब King की हत्या हुई — यह पल उनके जीवन का सबसे दर्दनाक क्षण था, लेकिन इसने उनके संघर्ष की आग को और तेज कर दिया।

Rainbow PUSH Coalition और राजनीतिक सफर

King की मृत्यु के बाद Jackson ने रुकने का नाम नहीं लिया। उन्होंने 1971 में PUSH (People United to Save Humanity) की स्थापना की, जो बाद में Rainbow PUSH Coalition बनी। यह संगठन Black समुदाय की आर्थिक स्थिति सुधारने, वोटर रजिस्ट्रेशन और सामाजिक न्याय के लिए काम करता रहा।

उनकी Rainbow Coalition एक साहसी गठबंधन था जिसमें Black, White, Latino, Asian American, Native American और LGBTQ लोग शामिल थे। इसने Democratic Party को अधिक प्रगतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका प्रसिद्ध कथन था — “हमारा झंडा लाल, सफेद और नीला है, लेकिन हमारा राष्ट्र एक इंद्रधनुष है।”

1984 में उन्होंने पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा और अपनी National Rainbow Coalition की स्थापना की, जो Reagan की नीतियों का विरोध करती थी और social programs, voting rights और affirmative action की पक्षधर थी।  1988 में उन्होंने दूसरी बार राष्ट्रपति पद की दौड़ में हिस्सा लिया। वे पहले ऐसे Black नेता थे जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में इतनी बड़ी संख्या में delegates जीते।

बीमारी और अंतिम दिन

Jackson को 2013 में Parkinson’s disease का पता चला था, जिसे उन्होंने 2017 में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया। अप्रैल 2025 में उनकी बीमारी को Progressive Supranuclear Palsy  — एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार — में बदल दिया गया।

अपने अंतिम महीनों में उन्हें 24 घंटे देखभाल की जरूरत थी। वे बोलने में असमर्थ हो गए थे और परिवार तथा आगंतुकों से हाथ थामकर और दबाकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते थे।

देश-विदेश से श्रद्धांजलि

पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama ने कहा — “मैं एक सच्चे महान इंसान के जाने से गहरे दुख में हूं। 60 से अधिक वर्षों तक Reverend Jackson ने मानव इतिहास के कुछ सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के आंदोलनों का नेतृत्व किया।” Obama ने यह भी लिखा कि 1984 और 1988 में Jackson के ऐतिहासिक राष्ट्रपति अभियानों ने उनके खुद के अभियान की नींव रखी।

राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर लिखा — “Jesse एक अच्छे इंसान थे, जिनमें व्यक्तित्व, जिगर और समझदारी थी। उन्होंने अपने परिवार से बहुत प्यार किया। Jesse याद किए जाएंगे!”

सिविल राइट्स लीडर Rev. Al Sharpton ने कहा — “हमारे राष्ट्र ने अपनी सबसे बड़ी नैतिक आवाज़ों में से एक को खो दिया। Reverend Jackson ने इतिहास को अपने कदमों में और उम्मीद को अपनी आवाज़ में लेकर चले।”

परिवार का बयान

Jackson के पीछे उनकी पत्नी Jacqueline, उनके पांच बच्चे — Santita, Jesse Jr., Jonathan, Yusef, Jacqueline और बेटी Ashley Jackson, तथा उनके पोते-पोतियां हैं। परिवार ने कहा — “हमारे पिता एक सेवक नेता थे — न केवल हमारे परिवार के लिए, बल्कि दुनिया के दबे-कुचले, आवाज़हीन और उपेक्षित लोगों के लिए। हमने उन्हें दुनिया के साथ साझा किया और बदले में दुनिया हमारे विस्तारित परिवार का हिस्सा बन गई।”

एक युग का अंत

साल 2000 में उन्हें राष्ट्रपति Bill Clinton ने Presidential Medal of Freedom से नवाजा था — जो किसी नागरिक को दिया जाने वाला अमेरिका का सर्वोच्च सम्मान है।

Jesse Jackson सिर्फ एक नेता नहीं थे — वे एक आंदोलन थे, एक आवाज़ थे, एक उम्मीद थे। उनका प्रसिद्ध नारा “I Am Somebody” आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में गूंजता है। उनके जाने से अमेरिका ने एक ऐसा सितारा खोया है जो दशकों तक न्याय, समानता और मानव गरिमा की लड़ाई का प्रतीक रहा।

Leave a Comment