“खामेनेई मारे गए! इज़राइल-अमेरिका के ‘Operation Epic Fury’ ने ईरान को हिला दिया — 36 साल का आयरन रूल एक झटके में खत्म”
तेहरान, 1 मार्च 2026। दुनिया को हिलाने वाली एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक ईरान पर लौह शासन किया, संयुक्त अमेरिका-इज़राइल हमलों में मारे गए हैं — यह बात ईरान के राजकीय मीडिया ने स्वयं पुष्टि की है।
कब और कैसे हुआ हमला?
अमेरिका और इज़राइल के बीच “Operation Epic Fury” नाम का एक विशाल संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य ईरान के शासन नेतृत्व और उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था जो “तत्काल खतरा” पैदा कर रहे थे।
ईरान की राजकीय मीडिया एजेंसी Press TV ने X पर पोस्ट कर खामेनेई की मौत की पुष्टि की और उन्हें “शहीद” घोषित किया। साथ ही 40 दिन के शोक और एक सप्ताह की सार्वजनिक छुट्टियों का ऐलान किया गया।
खामेनेई को उनके तेहरान स्थित आवास में उनके कार्यालय में, “अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए” उस समय निशाना बनाया गया। हमले के बाद एयरबस के सैटेलाइट चित्रों में तेहरान स्थित उनके कंपाउंड से काला धुआं उठता दिखाई दिया।
ट्रंप और नेतन्याहू ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया — “खामेनेई, इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक, मर गया।” ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की IRGC, सेना और अन्य सुरक्षा बल अब लड़ना नहीं चाहते और हमसे “माफी” मांग रहे हैं।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा — “इस सुबह, एक आश्चर्यजनक प्रहार के साथ, हमने तानाशाह खामेनेई पर वार किया। तीन दशकों से वह प्रॉक्सी के जरिए आतंक फैलाता रहा और अपने लोगों को दुखी करता रहा। यह योजना अब अस्तित्व में नहीं रहेगी।”
परिवार भी मारा गया
खामेनेई की बेटी, पोता, दामाद और बहू भी इन अमेरिका-इज़राइल हमलों में मारे गए — यह जानकारी ईरान के राजकीय मीडिया ने दी।
ईरान में मिली-जुली प्रतिक्रिया
तेहरान के कई इलाकों से गवाहों ने बताया कि खामेनेई की मौत की खबर सुनते ही लोगों ने जश्न मनाया — जोरदार तालियां बजाईं और उत्सव का संगीत बजाया। वहीं शासन के वफादार समर्थकों में गुस्से और शोक की लहर दौड़ गई। ईरान ने पलटवार करते हुए मध्य पूर्व के कई शहरों पर मिसाइल दागे।
दुबई और अबू धाबी के हवाई अड्डों को भी ईरान के जवाबी हमलों में नुकसान हुआ, और हजारों मध्य-पूर्वी उड़ानें रद्द कर दी गईं।
36 साल का शासन और विरासत
खामेनेई ने 1989 में सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार संभाला था, जब ईरान के संस्थापक सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खोमेनी की मृत्यु हुई थी। उन्होंने अपने शासन में परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, पश्चिमी देशों से टकराते रहे, और “प्रतिरोध की धुरी” — हमास, हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों के जरिए इज़राइल को चुनौती देते रहे।
खामेनेई के शासन में ईरान ने अपने हजारों नागरिकों को मारा, जिनमें दिसंबर 2025 में शुरू हुए बड़े पैमाने के विरोध प्रदर्शनों में 7,000 से अधिक लोग शामिल थे।
आगे क्या होगा?
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में उत्तराधिकार की एक औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी जो देश की राजनीतिक स्थिरता, प्रतिबंधों और पहले से तनावग्रस्त अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के लिए तीन संभावित रास्ते हैं — शासन की निरंतरता, सैन्य तख्तापलट, या शासन का पतन।
यह घटना मध्य पूर्व के इतिहास में एक नया मोड़ साबित हो सकती है।

