February 22, 2026

Rohit

“भारत बनेगा चिप महाशक्ति! PM मोदी ने किया HCL-Foxconn सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास — 3700 करोड़ की क्रांति शुरू”

नई दिल्ली/लखनऊ, 21 फरवरी 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए HCL-Foxconn सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास किया। यह 3700 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यह प्लांट “विकसित भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उड़ान है।

क्या है यह परियोजना?

HCL Technologies और Foxconn — दुनिया की दो दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों — के संयुक्त सहयोग से बनने वाला यह सेमीकंडक्टर प्लांट उत्तर प्रदेश में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक चिप (semiconductor chip) का निर्माण भारत की धरती पर होगा, जो अब तक मुख्यतः ताइवान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से आयात की जाती थीं।

3700 करोड़ रुपये की इस परियोजना को भारत सरकार की India Semiconductor Mission (ISM) के तहत मंजूरी मिली है। यह प्लांट न केवल देश की टेक्नोलॉजी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा।

क्यों है यह भारत के लिए गेम-चेंजर?

सेमीकंडक्टर चिप्स आज के युग में हर उस डिवाइस की रीढ़ हैं जिसे हम रोज़ इस्तेमाल करते हैं — स्मार्टफोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल उपकरण, डिफेंस सिस्टम और यहाँ तक कि घरेलू उपकरण भी। COVID-19 महामारी के दौरान जब वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन टूट गई, तब भारत समेत पूरी दुनिया को इस पर निर्भरता का खामियाजा भुगतना पड़ा था। ऑटोमोबाइल सेक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक — सभी उद्योग ठप पड़ गए थे।

अब HCL-Foxconn सेमीकंडक्टर प्लांट के जरिए भारत उस निर्भरता से मुक्ति की राह पर चल पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्लांट भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक अहम भूमिका दिलाएगा।

उत्तर प्रदेश बना निवेश का नया गढ़

उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण यह राज्य तेजी से देश का औद्योगिक हब बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हाल के वर्षों में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों के जरिए लाखों करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में आकर्षित किया है। HCL-Foxconn प्लांट इसी कड़ी की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

रोजगार और युवाओं के लिए सुनहरा मौका

इस सेमीकंडक्टर प्लांट के चालू होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है। खासकर इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा। सरकार ने इसके साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रम चलाने की भी योजना बनाई है ताकि स्थानीय युवा इस हाई-टेक इंडस्ट्री में काम कर सकें।

‘मेक इन इंडिया’ को मिला नया आयाम

पीएम मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को इस प्लांट के रूप में एक नई ऊर्जा मिली है। भारत सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भारी सब्सिडी और प्रोत्साहन दे रही है। India Semiconductor Mission के तहत अरबों रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की व्यवस्था की गई है।

Foxconn — जो Apple के iPhone समेत दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण करती है — का भारत में यह निवेश देश की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है। वहीं HCL Technologies देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में से एक है, जो इस परियोजना को तकनीकी नेतृत्व प्रदान करेगी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 3-5 साल में यह प्लांट पूरी तरह से उत्पादन शुरू कर देगा। इससे भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स आयात बिल घटेगा और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, और यह सेमीकंडक्टर प्लांट उस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संक्षेप में: HCL-Foxconn सेमीकंडक्टर प्लांट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं है — यह भारत की तकनीकी क्रांति की नींव है। जिस दिन इस प्लांट से पहली चिप निकलेगी, उस दिन भारत दुनिया को संदेश देगा — “चिप बनाना हो तो भारत आओ।”

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