नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित विज्ञान भवन में एक विशेष समारोह में 20 प्रतिभाशाली बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार देश के उन असाधारण बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो।
विशेष समारोह में उपस्थित गणमान्य लोग
समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और पुरस्कार विजेताओं के परिवारजन उपस्थित थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रत्येक बच्चे को व्यक्तिगत रूप से पुरस्कार प्रदान करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का महत्व
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत सरकार द्वारा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उनकी असाधारण क्षमता और उपलब्धियों के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार कला एवं संस्कृति, नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल, समाज सेवा, बहादुरी और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दिया जाता है।
प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, विजेताओं को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का अवसर भी मिलता है।
राष्ट्रपति का संबोधन
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ये बच्चे देश का गौरव हैं और अपनी प्रतिभा, समर्पण और कड़ी मेहनत से उन्होंने साबित किया है कि उम्र कभी उपलब्धि में बाधक नहीं होती। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने चुनौतियों का सामना करते हुए जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
राष्ट्रपति ने बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों की भी सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों की सफलता में उनके परिवार और गुरुजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
विविध क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली बच्चे
इस वर्ष पुरस्कृत किए गए 20 बच्चों में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली युवा शामिल हैं। इनमें खेल में उत्कृष्टता हासिल करने वाले खिलाड़ी, कला और संगीत में प्रवीण बच्चे, वैज्ञानिक नवाचार करने वाले युवा आविष्कारक, सामाजिक कार्यों में संलग्न बच्चे और बहादुरी दिखाने वाले नन्हे वीर शामिल हैं।
कुछ पुरस्कार विजेताओं ने कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत और संकल्प से सफलता की नई मिसाल कायम की है।
देश भर में प्रेरणा का संदेश
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस पुरस्कार का उद्देश्य न केवल बच्चों की उपलब्धियों को मान्यता देना है, बल्कि देश भर के अन्य बच्चों को भी प्रेरित करना है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें और उसे निखारने का प्रयास करें।
समारोह के अंत में सभी पुरस्कार विजेता बच्चों ने राष्ट्रपति के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाई और आगामी गणतंत्र दिवा समारोह में भाग लेने की तैयारी के बारे में जानकारी प्राप्त की।
यह कार्यक्रम एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि भारत का भविष्य इन प्रतिभाशाली और संकल्पित युवाओं के हाथों में सुरक्षित है।

