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रेल किराया बढ़ोतरी: आज से लागू हुए नए नियम, यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली, देश भर के रेल यात्रियों के लिए आज से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। भारतीय रेलवे ने विभिन्न श्रेणियों की ट्रेनों में किराए में मामूली वृद्धि की घोषणा की है, जो शुक्रवार से प्रभावी हो गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी छोटी है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका असर महसूस होगा।

किराया वृद्धि का ब्योरा

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से लंबी दूरी की यात्राओं पर लागू की गई है। ऑर्डिनरी क्लास (सामान्य श्रेणी) में 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा पर 1 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया बढ़ाया गया है। वहीं, नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में यह बढ़ोतरी 2 पैसे प्रति किलोमीटर रखी गई है।

इस नई दर के अनुसार, यदि कोई यात्री दिल्ली से मुंबई (लगभग 1,400 किमी) की यात्रा करता है, तो ऑर्डिनरी क्लास में उसे करीब 14 रुपये अतिरिक्त देने होंगे, जबकि एसी या नॉन-एसी श्रेणियों में यह अतिरिक्त राशि लगभग 28 रुपये होगी।

सबअर्बन ट्रेनों में कोई बदलाव नहीं

शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में दैनिक आवागमन करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि सबअर्बन या लोकल ट्रेनों में किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली और अन्य महानगरों की लोकल ट्रेन सेवाएं पूर्ववत किराए पर ही चलती रहेंगी।

यह निर्णय आम आदमी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि सबअर्बन ट्रेनें मध्यम और निम्न वर्ग के लाखों कामगारों की जीवन रेखा हैं।

रेलवे का पक्ष

भारतीय रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह किराया संशोधन बढ़ती परिचालन लागत, ईंधन मूल्य वृद्धि और बेहतर सुविधाओं के प्रावधान को देखते हुए किया गया है। “हमारा उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। स्टेशनों के आधुनिकीकरण, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेनों की गुणवत्ता में सुधार के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है,” उन्होंने कहा।

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ वर्षों में महंगाई और परिचालन खर्चों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि किराए में बड़े पैमाने पर कोई बदलाव नहीं किया गया था।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्रियों से बात करने पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलीं। एक यात्री राजेश कुमार ने कहा, “1-2 रुपये की बढ़ोतरी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सेवाओं में भी सुधार हो।”

वहीं, एक अन्य यात्री सुनीता देवी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “छोटी-छोटी बढ़ोतरी मिलकर बड़ा बोझ बन जाती है। महंगाई पहले से ही बहुत है।”

आर्थिक प्रभाव

रेल परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यह किराया वृद्धि अपेक्षाकृत न्यूनतम है और इससे यात्री संख्या पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है और प्रतिदिन करोड़ों लोगों को सेवा प्रदान करता है।

हालांकि, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि बार-बार किराया बढ़ाने से आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो नियमित रूप से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।

अन्य परिवहन साधनों से तुलना

बस और हवाई यात्रा की तुलना में भारतीय रेलवे अभी भी सबसे किफायती विकल्प बना हुआ है। निजी बसों और विमानों के किराए में हाल के वर्षों में काफी वृद्धि हुई है, जबकि रेल किराया अपेक्षाकृत स्थिर रहा है।

आगे की योजनाएं

रेलवे मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, स्टेशनों का आधुनिकीकरण और डिजिटल सेवाओं में सुधार जारी रहेगा। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाएगा।

निष्कर्ष

आज से लागू हुई रेल किराया बढ़ोतरी भले ही मामूली हो, लेकिन यह बढ़ती परिचालन लागत और बेहतर सुविधाओं की दिशा में उठाया गया एक कदम है। यात्रियों को उम्मीद है कि इस वृद्धि के साथ-साथ सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा। सबअर्बन यात्रियों के लिए किराया यथावत रखना सराहनीय कदम है, जो आम आदमी के हितों को ध्यान में रखता है।

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