नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर से आए बच्चों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान की प्रेरक कहानियों से अवगत कराया।
वीर बाल दिवस का महत्व
वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों – साहिबजादा अजीत सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की शहादत की याद में मनाया जाता है। ये चारों साहिबजादे अपने धर्म और सिद्धांतों के लिए अटूट साहस और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष इस दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन बाल शहीदों के अद्भुत साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
भारत मंडपम में आयोजित इस भव्य समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बच्चों को साहिबजादों के जीवन से मिलने वाली सीख के बारे में बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें सिखाता है कि सच्चाई और सिद्धांतों के लिए खड़ा होना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है और उन्हें अपने जीवन में मूल्यों, साहस और दृढ़ संकल्प को अपनाना चाहिए।
बच्चों के साथ सीधा संवाद
कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा था जब प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ सीधा संवाद किया। बच्चों ने प्रधानमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने बड़ी सहजता और स्नेह के साथ हर बच्चे की बात सुनी और उनके सवालों के जवाब दिए।
कई बच्चों ने साहिबजादों की कहानियों से प्रेरित होकर अपने जीवन में अनुशासन और साहस को अपनाने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। सिख इतिहास और साहिबजादों के बलिदान पर आधारित नाटक और गीत प्रस्तुत किए गए, जिन्हें दर्शकों ने काफी सराहा।
सरकार की पहल
सरकार ने वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए कई पहल की हैं। देशभर के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बच्चों को साहिबजादों के जीवन और बलिदान के बारे में बताया जाता है।
इस वर्ष के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया। उनके संबोधन और बच्चों के साथ संवाद ने युवा पीढ़ी में देशभक्ति और मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता जगाई।
वीर बाल दिवस न केवल इतिहास को याद करने का दिन है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने का भी दिन है।