नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णायक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया। बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में देशभर से आए शीर्ष नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य का जायजा लिया।
प्रमुख मुद्दे
बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। सूत्रों के अनुसार, राज्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और युवा नेतृत्व को अधिक जिम्मेदारियां सौंपने के प्रस्तावों पर सहमति बनी।
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की गई। पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखते हुए जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की जरूरत है।
आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर फोकस
बैठक में देश की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने इन्हें अपने अभियान का मुख्य एजेंडा बनाने का निर्णय लिया। पार्टी का मानना है कि ये वे मुद्दे हैं जो आम जनता को सीधे प्रभावित कर रहे हैं।
सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए ठोस योजनाओं पर काम करने का संकल्प लिया गया।
गठबंधन की राजनीति
विपक्षी दलों के साथ तालमेल और इंडिया गठबंधन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर काम करना वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में जरूरी है।
संगठनात्मक बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, कुछ राज्यों में संगठनात्मक परिवर्तनों पर भी फैसला लिया जा सकता है। पार्टी अध्यक्ष को इस संबंध में निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई है।
बैठक के बाद जारी बयान में कांग्रेस ने जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं को संसद और सड़क दोनों जगह उठाने का आश्वासन दिया। पार्टी ने कहा कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की आवाज को बुलंद करती रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा भरने और संगठन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।