“32 साल बाद बड़ा कदम! PM मोदी की मलेशिया यात्रा से भारत को मिला तगड़ा फायदा, चीन को लगा झटका”

User avatar placeholder
Written by Rohit

February 9, 2026

कुआलालंपुर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा (7-8 फरवरी 2026) ने भारत-मलेशिया संबंधों में एक नया अध्याय लिखा है। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच Comprehensive Strategic Partnership को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है। करीब तीन दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा होने के कारण इस दौरे को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का कुआलालंपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने खुद पीएम मोदी का स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और भारतीय प्रवासियों से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

व्यापार और अर्थव्यवस्था पर जोर

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। वर्तमान में भारत-मलेशिया के बीच व्यापार लगभग 20 अरब डॉलर का है, जिसे आने वाले वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम मोदी ने मलेशियाई कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान में भागीदारी का आह्वान किया।

डिफेंस और सुरक्षा सहयोग

रक्षा क्षेत्र में सहयोग इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमति जताई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

AI और सेमीकंडक्टर में साझेदारी

तकनीकी क्षेत्र में भारत-मलेशिया सहयोग को नई दिशा मिली है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में दोनों देशों ने मिलकर काम करने का फैसला किया। मलेशिया के सेमीकंडक्टर उद्योग में भारतीय कंपनियों की भागीदारी से दोनों देशों को फायदा होगा और वैश्विक सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी।

भारतीय डायस्पोरा से संवाद

मलेशिया में रहने वाले करीब 3 लाख भारतीय मूल के लोगों के साथ पीएम मोदी ने विशेष बातचीत की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को देश की प्रगति में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत के विकास से जुड़े रहने का आह्वान किया। भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया और उनके नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों पर गर्व जताया।

रणनीतिक महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दक्षिण पूर्व एशिया में भारत की बढ़ती साझेदारी चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में कारगर साबित हो रही है। मलेशिया ASEAN का प्रमुख सदस्य है और भारत के लिए इस क्षेत्र में एक अहम भागीदार है।

आगे की राह

इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच संबंध नए स्तर पर पहुंच गए हैं। व्यापार, रक_षा, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में नई संभावनाएं खुली हैं। यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की समृद्धि और स्थिरता के लिए फायदेमंद साबित होगी।

पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Image placeholder

Lorem ipsum amet elit morbi dolor tortor. Vivamus eget mollis nostra ullam corper. Pharetra torquent auctor metus felis nibh velit. Natoque tellus semper taciti nostra. Semper pharetra montes habitant congue integer magnis.

Leave a Comment